मन्त्रार्थ-
-
ॐ मित्र देवता
के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ रवि देवता के
लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ सूर्य देवता
के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ भानु देवता के
लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ खग देवता के
लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ पुष्ण देवता के
लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ हिरण्यगर्भ
देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ मरीचि देवता
के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ आदित्याय
देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ सवित्री देवता
के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ अर्क देवता के
लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ भास्कर देवता
के लिये हमारा नमस्कार है।
-
ॐ
श्रीसवितृसूर्यनारायण देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
आदित्य के
नमस्कारों को जो सूर्योदय के साथ करते हैं,
उनके आयु, प्रज्ञा
तथा बल बढ़ते (उत्पन्न होते) है।