मन्त्रार्थ-

  1. ॐ मित्र देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  2. ॐ रवि देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  3. ॐ सूर्य देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  4. ॐ भानु देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  5. ॐ खग देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  6. ॐ पुष्ण देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  7. ॐ हिरण्यगर्भ देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  8. ॐ मरीचि देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  9. ॐ आदित्याय देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  10. ॐ सवित्री देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  11. ॐ अर्क देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  12. ॐ भास्कर देवता के लिये हमारा नमस्कार है।
  13. ॐ श्रीसवितृसूर्यनारायण देवता के लिये हमारा नमस्कार है।

 

आदित्य के नमस्कारों को जो सूर्योदय के साथ करते हैं,

उनके आयु, प्रज्ञा तथा बल बढ़ते (उत्पन्न होते) है।